रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। रूस के विदेश मंत्रालय (Foreign Ministry) ने यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) में रह रहे सभी विदेशी नागरिकों, राजनयिकों (Diplomats) और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारियों को तुरंत शहर छोड़ने की सलाह दी है।
रूस ने चेतावनी दी है कि वह कीव में मौजूद सैन्य ठिकानों और ‘फैसले लेने वाले केंद्रों’ (Decision-Making Centers) पर बड़े और लगातार हमले करने वाला है। इस अचानक बढ़े तनाव के बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिकी विदेश मंत्री (Secretary of State) मार्को रुबियो से फोन पर बात करके उन्हें भी इसकी जानकारी दी है।
कीव पर बड़े हमले की तैयारी में रूस
रूसी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उनकी सेना कीव के अंदर कमांड पोस्ट और मुख्य प्रशासनिक सुविधाओं को निशाना बनाएगी। बयान में साफ तौर पर कहा गया है, “हम विदेशी नागरिकों, राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लोगों को सलाह देते हैं कि वे जल्द से जल्द कीव शहर को छोड़ दें।”
रूस का कहना है कि ये हमले पिछले दिनों यूक्रेन द्वारा रूसी नियंत्रण वाले इलाकों में किए गए हमलों के जवाब में किए जा रहे हैं।
सर्गेई लावरोव ने अमेरिकी विदेश मंत्री से की बात
इस खतरनाक स्थिति के बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका के नए विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर चर्चा की। रूस के मंत्रालय के मुताबिक, लावरोव ने रुबियो का ध्यान 25 मई को जारी किए गए बयान की तरफ खींचा और कहा कि अमेरिका को कीव में मौजूद अपने राजनयिकों और बाकी नागरिकों की सुरक्षित निकासी (Evacuation) जल्द से जल्द सुनिश्चित करनी चाहिए।
रूस ने साफ कर दिया है कि वह कीव के उन प्रशासनिक केंद्रों पर स्ट्राइक करेगा जहां से बड़े फैसले लिए जाते हैं, इसलिए वहां रहना अब किसी के लिए भी सुरक्षित नहीं है।
पिछले कुछ दिनों में बढ़े हमले
आपको बता दें कि पिछले कुछ ही दिनों में रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वीकेंड पर ही रूस ने लगभग 90 मिसाइलों और 600 से ज्यादा ड्रोन्स से यूक्रेन के अलग-अलग हिस्सों को निशाना बनाया था, जिससे कीव को काफी नुकसान पहुंचा था। इस हमले में रूस ने अपनी नई बैलिस्टिक मिसाइल ‘ओरेशनिक’ (Oreshnik) का भी इस्तेमाल किया है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस पर बयान देते हुए कहा था कि उनके देश के कई हिस्से इस अटैक से प्रभावित हुए हैं और एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है।