प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों WinZO और GamezKraft के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और एल्गोरिदम हेराफेरी के आरोपों में देश के तीन शहरों में 11 ठिकानों पर छापेमारी की।
छापे दिल्ली, बेंगलुरु और गुरुग्राम में स्थित कंपनियों के कॉर्पोरेट ऑफिस और उनके CEO, COO और CFO के आवासों पर मारे गए।
क्या है मामला?
- कई खिलाड़ियों ने FIR दर्ज कराई थी कि इन गेमिंग ऐप्स ने एल्गोरिदम में हेराफेरी कर उन्हें जानबूझकर हारने की स्थिति में डाला।
- शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि कंपनियों के प्रमोटर्स के पास क्रिप्टो वॉलेट्स हैं, जिससे क्रिप्टोकरेंसी के जरिए धन शोधन की आशंका जताई जा रही है।
- ED ने इन कंपनियों की वित्तीय गतिविधियों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और यूजर डेटा की गहन जांच शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि
- भारत में रियल मनी गेमिंग पर पहले ही कई राज्यों में प्रतिबंध लग चुका है।
- GamezKraft Pocket52 नामक पोकर प्लेटफॉर्म का संचालन करता है, जबकि WinZO कई गेमिंग कैटेगरी में सक्रिय है।
- ED की यह कार्रवाई डिजिटल गेमिंग इंडस्ट्री में पारदर्शिता और यूजर सुरक्षा को लेकर बड़ा संकेत मानी जा रही है