Crude Oil Price Hike: पश्चिम एशिया में तनाव से कच्चा तेल हुआ महंगा, क्या भारत में बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है। पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में संभावित संकट की आहट ने अंतरराष्ट्रीय बाजार को बेचैन कर दिया है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भारी तेजी दर्ज की गई है।
हॉर्मुज संकट से बाजार में डर
दुनिया के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर गुजरता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है, तो तेल की सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो सकती है। इसी डर से वैश्विक तेल मानक ‘ब्रेंट क्रूड’ की कीमतों में उछाल आया है।
भारत पर क्या होगा असर?
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली मामूली बढ़ोतरी भी भारत के लिए चिंता का विषय बन जाती है।
- पेट्रोल-डीजल की कीमतें: अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।
- महंगाई का खतरा: ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ती है, जिससे फल, सब्जी और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
मार्केट एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, “पश्चिम एशिया में अस्थिरता सीधे तौर पर ग्लोबल सप्लाई को प्रभावित कर रही है। हॉर्मुज संकट केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी के लिए एक बड़ी चुनौती है। जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।”


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