छतरपुर (मध्य प्रदेश): कहते हैं कि मोहब्बत न तो सरहदें मानती है और न ही मजहब की दीवारें। कुछ ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से सामने आया है, जहां दो सगी चचेरी बहनों ने अपने सात साल पुराने प्रेम को मुकम्मल करने के लिए न केवल धर्म परिवर्तन किया, बल्कि मुस्लिम युवकों से निकाह कर एक नई जिंदगी की शुरुआत की है।
सात साल का लंबा इंतजार और संघर्ष
जानकारी के अनुसार, इन दोनों बहनों का प्रेम प्रसंग पिछले सात वर्षों से चल रहा था। स्थानीय युवकों के साथ उनका जुड़ाव समय के साथ गहरा होता गया। हालांकि, अलग-अलग धर्म होने के कारण इस रिश्ते को सामाजिक और पारिवारिक स्वीकृति मिलना आसान नहीं था।लंबी जद्दोजहद और अपने प्यार को साबित करने के बाद, दोनों युवतियों ने अंततः स्वेच्छा से इस्लाम धर्म अपनाने का निर्णय लिया। धर्म परिवर्तन की कानूनी और धार्मिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद, दोनों बहनों ने अपने-अपने प्रेमियों के साथ निकाह पढ़ा।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय
यह मामला सामने आते ही पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। जहां कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सच्चे प्यार की जीत बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे सामाजिक दृष्टिकोण से देख रहे हैं। युवतियों का कहना है कि उन्होंने यह कदम बिना किसी दबाव के, अपनी मर्जी से और अपने भविष्य को ध्यान में रखकर उठाया है।कानूनी स्थिति और सुरक्षाअंतरधार्मिक विवाह (Interfaith Marriage) होने के कारण प्रशासन भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है। युवतियों ने स्पष्ट किया है कि वे बालिग हैं और उन्हें अपने जीवन के फैसले लेने का पूरा संवैधानिक अधिकार है। फिलहाल, दोनों जोड़े अपनी नई जिंदगी शुरू कर चुके हैं और सुरक्षा के लिहाज से पुलिस प्रशासन को सूचित कर दिया गया है।