अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव यानी ‘रामनवमी’ के पावन अवसर पर इस वर्ष अयोध्या में अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। इस बार रामनवमी (27 मार्च 2026) के दिन रामलला के मंदिर के कपाट पूरे दिन और रात खुले रहेंगे, ताकि कोई भी भक्त दर्शन से वंचित न रहे।
24 घंटे होंगे रामलला के दर्शन
ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के अनुसार, रामनवमी के दिन श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में होने की उम्मीद है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने तय किया है कि कपाट बंद नहीं किए जाएंगे। प्रातः 6:30 बजे से विशेष अनुष्ठान शुरू होंगे, जो लगातार जारी रहेंगे। भक्तों की सुविधा के लिए दर्शन की अवधि को आवश्यकतानुसार बढ़ाया भी जा सकता है।
अद्भुत ‘सूर्य तिलक’ का समय
इस रामनवमी का सबसे मुख्य आकर्षण ‘सूर्य तिलक’ होगा। वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई विशेष ऑप्टो-मैकेनिकल प्रणाली के जरिए दोपहर ठीक 12:00 बजे सूर्य की किरणें सीधे रामलला के मस्तक पर अभिषेक करेंगी।
- समय: दोपहर 12:00 बजे
- अवधि: लगभग 4 से 5 मिनट तक सूर्य की किरणें प्रभु के मस्तक को सुशोभित करेंगी।
- लाइव प्रसारण: भीड़ से बचने के लिए अयोध्या के प्रमुख स्थानों पर 100 से अधिक एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं, जहाँ इसका सीधा प्रसारण होगा।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
गर्मी और धूप को देखते हुए प्रशासन और ट्रस्ट ने निम्नलिखित व्यवस्थाएं की हैं:
- मैट और छाया: दर्शन पथ पर पूरे रास्ते जूट की मैट बिछाई गई है और जिन स्थानों पर पक्की छत नहीं है, वहां टिन शेड या कैनोपी लगाई गई है।
- प्रसाद: रामलला को इस अवसर पर लगभग 6 क्विंटल पंजीरी का भोग लगाया जाएगा, जिसे बाद में भक्तों में वितरित किया जाएगा।
- लाइटिंग: शाम के समय पूरे मंदिर परिसर को भव्य फसाड लाइटिंग (Facade Lighting) से जगमगाया जाएगा।
यात्री ध्यान दें: नई गाइडलाइन
- मोबाइल और बैग: सुरक्षा कारणों से मंदिर के भीतर मोबाइल, बड़े बैग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- पास व्यवस्था: रामनवमी के दिन सुगम और विशिष्ट दर्शन के सभी पुराने पास निरस्त रहेंगे, केवल सामान्य कतार से ही दर्शन होंगे।
- छुट्टी की घोषणा: उत्तर प्रदेश सरकार ने रामनवमी के अवसर पर प्रदेश में दो दिन (26 और 27 मार्च) के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।