बांग्लादेश की मुहम्मद यूनुस नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने सोमवार को सभी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और ऑनलाइन मीडिया संस्थानों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के किसी भी बयान को प्रकाशित या प्रसारित न करें।
सरकार के अनुसार, हसीना को अदालत ने “दोषी और फरार” घोषित किया है। हाल ही में उन्हें मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में मृत्युदंड सुनाया गया है। आरोप है कि उनकी सरकार ने पिछले वर्ष छात्र आंदोलन पर हिंसक कार्रवाई की थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए।
साइबर सुरक्षा एजेंसी की चेतावनी
राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी (NCSA) ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि हसीना के बयान में ऐसे निर्देश या अपील हो सकती हैं जो हिंसा, अव्यवस्था और आपराधिक गतिविधियों को भड़का सकती हैं। एजेंसी ने मीडिया से आग्रह किया कि वे “राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव” को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारी से काम करें।
सरकार की चिंता
एजेंसी ने यह भी बताया कि कुछ मीडिया संस्थान हसीना के बयान प्रसारित कर रहे थे, जिससे जनता में भ्रम और अस्थिरता फैलने का खतरा है। सरकार ने इसे कानून और व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताया।
पृष्ठभूमि
- शेख हसीना अगस्त 2024 में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद देश छोड़कर भारत चली गई थीं।
- अदालत ने उन्हें फरार घोषित किया और बाद में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने उन्हें दोषी ठहराया।
- वर्तमान में बांग्लादेश की सत्ता नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के हाथों में है।