मैक्सिको के अपराध जगत में एक बड़ा मोड़ आया है। नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वांतेस, जिसे दुनिया एल मेन्चो के नाम से जानती थी, अब नहीं रहा। 59 वर्षीय यह ड्रग किंगपिन जालिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का मुखिया था और वर्षों से मैक्सिको तथा अमेरिका की एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बना हुआ था।
ऑपरेशन की कहानी
मैक्सिकन सेना ने अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के सहयोग से एक गुप्त अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, एल मेन्चो की गर्लफ्रेंड से जुड़ी निगरानी ने उसकी लोकेशन का पता लगाने में अहम भूमिका निभाई। तपाल्पा, जालिस्को के पहाड़ी इलाके में छिपे एल मेन्चो को घेरकर सेना ने मुठभेड़ में मार गिराया।
मौत के बाद की प्रतिक्रिया
उसकी मौत के तुरंत बाद CJNG के गुर्गों ने कई इलाकों में हिंसक हमले किए। हाईवे ब्लॉक कर दिए गए, गाड़ियों में आग लगाई गई और सेना को खुलेआम धमकियां दी गईं। यह प्रतिक्रिया दिखाती है कि कार्टेल अभी भी ताकतवर है और अपने सरगना की मौत का बदला लेने की कोशिश कर रहा है।
विवाद और अफवाहें
सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलीं कि इन्फ्लुएंसर मारिया जुलिसा ने जानकारी दी थी। हालांकि उन्होंने इसे सख्ती से नकारा। अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया कि सुराग किसी और करीबी से मिला था।
भविष्य की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि एल मेन्चो की मौत CJNG के लिए बड़ा झटका है। लेकिन उसका नेटवर्क इतना विशाल है कि संगठन तुरंत खत्म नहीं होगा। आने वाले दिनों में मैक्सिको को और हिंसा झेलनी पड़ सकती है।