तेहरान में शनिवार को हुए अमेरिकी और इज़राइली संयुक्त हवाई हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया को हिला दिया है। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हो गई। ईरानी राज्य मीडिया ने इस घटना की पुष्टि करते हुए 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।
हमले के बाद ईरान की राजधानी में अफ़रातफ़री का माहौल है। रिपोर्टों के अनुसार, ख़ामेनेई के परिवार के कुछ सदस्य भी इस हमले में मारे गए। ईरान की सेना ने इसे “कायराना हमला” बताते हुए चेतावनी दी है कि इसका जवाब दिया जाएगा।
इज़राइल के रक्षा मंत्री ने कहा कि यह “ऑपरेशन रोअर ऑफ़ द लायन” का शुरुआती चरण है, जिसमें ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “इतिहास का सबसे बड़ा सैन्य अभियान” बताते हुए कहा कि यदि ईरान पलटवार करता है तो उसे “अभूतपूर्व ताक़त” का सामना करना पड़ेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना ने पश्चिम एशिया में युद्ध की आशंका को और गहरा कर दिया है। तेल की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में अस्थिरता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।