— राजेश नरवरिया
नया वर्ष केवल कैलेंडर बदलने का नाम नहीं है, बल्कि यह आत्ममंथन, संकल्प और नई शुरुआत का अवसर है। जब पुराना साल अपनी स्मृतियों के साथ विदा लेता है, तब नया वर्ष हमारे सामने सवाल भी रखता है और संभावनाएं भी—हम क्या बदलेंगे, क्या सुधारेंगे और किस दिशा में आगे बढ़ेंगे?
युवा: परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति
आज का युवा सिर्फ भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की भी सबसे मजबूत ताकत है। तकनीक, विचार और ऊर्जा से लैस युवा यदि सही दिशा में कदम बढ़ाए, तो समाज की तस्वीर बदल सकती है। नया वर्ष युवाओं से यह अपेक्षा करता है कि वे केवल अवसरों की तलाश न करें, बल्कि अवसरों का सृजन करें। राष्ट्र निर्माण, नवाचार और सामाजिक सरोकारों में सक्रिय भागीदारी—यही सच्चा नववर्ष संकल्प होना चाहिए।
पर्यावरण: आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी
विकास की दौड़ में हमने प्रकृति से बहुत कुछ लिया है, अब लौटाने का समय है। स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरित धरती केवल नारे नहीं, बल्कि जीवन की बुनियादी शर्तें हैं। नया वर्ष हमें यह याद दिलाता है कि पेड़ लगाना, जल संरक्षण करना, प्लास्टिक का सीमित उपयोग—ये छोटे कदम बड़े बदलाव की नींव बनते हैं।
कर्तव्य और जिम्मेदारियां: अधिकारों से पहले कर्तव्य
हम अधिकारों की बात तो करते हैं, पर कर्तव्यों को अक्सर भूल जाते हैं। एक जिम्मेदार नागरिक होना केवल मतदान तक सीमित नहीं, बल्कि नियमों का पालन, ईमानदारी और संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है। नया वर्ष हमें अपने कर्तव्यों की ओर लौटने का संदेश देता है—घर से लेकर देश तक।
रिश्ते: संवेदना और संवाद की डोर
तेज रफ्तार जिंदगी में रिश्ते कहीं पीछे छूटते जा रहे हैं। मोबाइल की स्क्रीन पर सिमटती दुनिया ने इंसान को इंसान से दूर कर दिया है। नया वर्ष एक अवसर है—परिवार, मित्रों और समाज के साथ संवाद बढ़ाने का, विश्वास और अपनत्व को फिर से मजबूत करने का।
संकल्प एक बेहतर कल का
नया वर्ष तभी सार्थक होगा, जब हमारे संकल्प केवल शब्दों तक सीमित न रहें, बल्कि व्यवहार में उतरें। युवा जागरूक हों, पर्यावरण सुरक्षित हो, नागरिक कर्तव्यनिष्ठ हों और रिश्ते मजबूत हों—तो न केवल हमारा वर्ष, बल्कि हमारा भविष्य भी उज्ज्वल होगा।
आइए, इस नए वर्ष पर संकल्प लें कि हम सिर्फ अपने लिए नहीं, समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बेहतर रास्ता बनाएंगे। यही नए वर्ष की सच्ची शुभकामना है।