नाइजीरिया में सक्रिय आतंकवादी संगठन आईएसआईएस (ISIS) के खिलाफ अमेरिका ने हवाई हमला कर बड़ा कदम उठाया है। यह कार्रवाई नाइजीरिया सरकार के साथ आपसी आतंकवाद-रोधी सहयोग के तहत की गई है, जिसका मकसद उग्रवादी नेटवर्क को कमजोर करना और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करना बताया जा रहा है।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई नाइजीरिया के उन इलाकों में की गई, जहां लंबे समय से आईएसआईएस से जुड़े चरमपंथी गुट सक्रिय हैं। इन समूहों पर नागरिकों, सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन पर हमलों का आरोप है।
नाइजीरिया सरकार ने इस अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के अनुसार, अमेरिका के साथ सहयोग में खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान, रणनीतिक समर्थन और सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने जैसे कदम शामिल हैं।
सरकारी बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि आतंकवाद के खिलाफ की जा रही हर कार्रवाई देश की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में की जा रही है। नाइजीरिया ने दोहराया कि उसकी प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा, शांति की बहाली और कानून-व्यवस्था को कायम रखना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई पश्चिम अफ्रीका में बढ़ते उग्रवाद पर लगाम लगाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। नाइजीरिया लंबे समय से आतंकवादी हिंसा से जूझ रहा है, खासकर उसके उत्तरी और सीमावर्ती क्षेत्रों में।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में आतंकवादी संगठनों के वित्तीय नेटवर्क, हथियार आपूर्ति और सीमा-पार गतिविधियों पर भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय सहयोग को इस लड़ाई का अहम हिस्सा बताया गया है।