वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में क्यों नहीं मिल रही जगह? श्रेयस अय्यर ने बताई वजह
वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में जगह क्यों नहीं? श्रेयस अय्यर ने बताया
स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी इन दिनों अपनी आक्रामक बल्लेबाजी को लेकर चर्चा में हैं। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है, लेकिन टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में उन्हें नियमित मौका नहीं मिल रहा है। अब भारतीय टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने इसके पीछे की वजह स्पष्ट की है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज शुरू होने से पहले अय्यर ने कहा कि वैभव अभी काफी युवा हैं और उनके पास भविष्य में मौके हासिल करने के लिए पर्याप्त समय है। फिलहाल टीम के नियमित ओपनर अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए शीर्ष क्रम में बदलाव की जल्दबाजी नहीं है।
अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन पर टीम का भरोसा
श्रेयस अय्यर के मुताबिक, भारतीय टीम के दोनों ओपनर लगातार रन बना रहे हैं और टी20 विश्व कप में खिताबी सफलता में भी उनकी अहम भूमिका रही है। ऐसे में टीम प्रबंधन मौजूदा संयोजन को बनाए रखना चाहता है।
अय्यर ने वैभव की प्रतिभा को महत्व देते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव हासिल करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, प्रतिभाशाली खिलाड़ी होने का मतलब यह नहीं कि उसे तुरंत प्लेइंग-11 में जगह मिल जाए।
उनका मानना है कि वैभव को टीम के साथ सहज रहना चाहिए और अपने अवसर का इंतजार करना चाहिए। आने वाले वर्षों में उन्हें अपनी क्षमता साबित करने के कई मौके मिल सकते हैं।
21 टी20 मैचों में से 8 में खेले वैभव
वैभव सूर्यवंशी को इस साल इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था। इसके बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के अवसर भी मिले।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत ने इस दौरान 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले, जिनमें वैभव को आठ मैचों में खेलने का मौका मिला। उन्होंने इन आठ मैचों में 246 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 186.36 रहा। इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक भी निकले।
इन आंकड़ों से उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके बावजूद नियमित ओपनिंग जोड़ी के अच्छे प्रदर्शन के कारण टीम में उनकी जगह फिलहाल पक्की नहीं हुई है।
न्यूजीलैंड दौरे का अनुभव आएगा काम

श्रेयस अय्यर का मानना है कि विदेशी परिस्थितियों में खेलने का अनुभव वैभव के करियर के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अलग-अलग देशों की पिचों, उछाल और गेंदबाजों की रणनीति को समझने से युवा बल्लेबाज अपने खेल में सुधार कर सकता है।
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में खेलने से वैभव को यह समझने का अवसर मिलेगा कि वहां की पिचों पर किस तरह बल्लेबाजी करनी चाहिए। भविष्य में जब वह दोबारा इन परिस्थितियों में खेलेंगे, तो पहले से अधिक तैयारी के साथ उतर सकेंगे।
यह अनुभव केवल वैभव के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य में विदेशी दौरे पर जाने वाले अन्य खिलाड़ियों के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
क्या वैभव को जल्द मिलेगा मौका?
फिलहाल टीम इंडिया की ओपनिंग में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी को प्राथमिकता मिल रही है। दोनों का प्रदर्शन अच्छा रहने से वैभव के लिए शुरुआती एकादश में जगह बनाना चुनौतीपूर्ण है।
हालांकि, युवा बल्लेबाज के पास अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए अभी लंबा करियर बाकी है। टीम के साथ रहकर अभ्यास करना, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से सीखना और विदेशी परिस्थितियों को समझना उनके विकास में मदद कर सकता है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वैभव को प्लेइंग-11 में मौका मिलता है या नहीं, इस पर क्रिकेट प्रशंसकों की नजर रहेगी। लेकिन श्रेयस अय्यर के बयान से स्पष्ट है कि टीम प्रबंधन फिलहाल अनुभव और निरंतर प्रदर्शन के आधार पर मौजूदा ओपनिंग जोड़ी को प्राथमिकता दे रहा है।


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