दिल्ली की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। राघव चड्ढा के इस कदम ने न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है।
“गलत पार्टी में सही आदमी था” – राघव चड्ढा
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने भावुक और कड़े शब्दों में कहा कि वह पिछले 15 वर्षों से इस पार्टी से जुड़े थे, लेकिन अब पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है। उन्होंने कहा, “मैंने इस पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा था, लेकिन आज यह देश हित के बजाय व्यक्तिगत हितों के लिए काम कर रही है। मुझे लंबे समय से महसूस हो रहा था कि मैं एक गलत पार्टी में सही आदमी था।”
AAP में बड़ी टूट: 7 सांसद छोड़ सकते हैं साथ
सूत्रों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में मिली जानकारी के अनुसार, राघव चड्ढा अकेले नहीं जा रहे हैं। उनके साथ राज्यसभा के कुल 10 सांसदों में से 7 सांसदों के नाम सामने आ रहे हैं जो बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
- संदीप पाठक
- अशोक मित्तल
- स्वाति मालीवाल
- हरभजन सिंह
- राजिंदर गुप्ता
- विक्रम साहनी
राघव चड्ढा ने दावा किया है कि राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सांसद उनके साथ हैं, जो संवैधानिक प्रावधानों के तहत बीजेपी में विलय (Merge) करने की तैयारी में हैं।
इस्तीफे की मुख्य वजह क्या रही?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों से राघव चड्ढा और पार्टी आलाकमान के बीच दूरियां बढ़ती जा रही थीं। हाल ही में उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उप-नेता (Deputy Leader) के पद से हटाया जाना एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसके अलावा, अरविंद केजरीवाल के जेल में रहने के दौरान चड्ढा की विदेश यात्राओं को लेकर भी पार्टी के भीतर सुगबुगाहट तेज थी।
बीजेपी में शामिल होने के संकेत
राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए संकेत दिया है कि वे जल्द ही भारतीय जनता पार्टी का दामन थामेंगे। उन्होंने कहा कि देश को इस समय मजबूत और निर्णायक नेतृत्व की जरूरत है।