मध्य पूर्व (Middle East) में शांति की कोशिशों के बीच एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ओमान के तट के पास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) द्वारा एक विदेशी कंटेनर जहाज पर फायरिंग करने की खबर सामने आई है। इस घटना ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रही अनौपचारिक सीजफायर की बातचीत पर सवालिया निशान लगा दिया है।
क्या है पूरी घटना?
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, यह घटना ओमान के मस्कट तट से लगभग 15 समुद्री मील दूर हुई। बताया जा रहा है कि ईरानी नौसेना की स्पीडबोट्स ने एक कमर्शियल कंटेनर शिप को रुकने का इशारा किया और जब जहाज ने रास्ता नहीं बदला, तो उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी गई।
- नुकसान: फायरिंग की वजह से जहाज के ऊपरी हिस्से को क्षति पहुंची है।
- क्रू की स्थिति: शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, जहाज पर सवार सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
- ईरान का दावा: ईरानी मीडिया का कहना है कि यह जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन कर रहा था, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई।
क्यों अहम है यह इलाका?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग है। दुनिया भर के कुल तेल निर्यात का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यहां होने वाली कोई भी छोटी सैन्य गतिविधि वैश्विक तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में भारी उछाल ला सकती है।
अमेरिका और ईरान के रिश्तों पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला अमेरिका पर दबाव बनाने की ईरान की एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है। पिछले कुछ हफ्तों से पर्दे के पीछे दोनों देशों के बीच तनाव कम करने को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन इस ताज़ा फायरिंग ने शांति प्रक्रिया को फिर से पटरी से उतार दिया है।