भारतीय सर्राफा बाजार में आज एक ऐतिहासिक हलचल देखी गई। वैश्विक संकेतों और घरेलू बाजार में बिकवाली के दबाव के चलते सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। चांदी, जो पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर बढ़ रही थी, अब फिसलकर 2 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर से नीचे आ गई है। वहीं, सोने में ‘लोअर सर्किट’ टूटने जैसी स्थिति ने निवेशकों को हैरान कर दिया है।
बाजार की मुख्य बातें:
चांदी की चमक हुई फीकी: चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई है। पिछले कुछ सत्रों की तेजी के बाद, अब यह ₹2,00,000 प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे कारोबार कर रही है।
सोने में बड़ी सेंध: सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट आई है। बाजार में भारी बिकवाली के कारण कीमतों ने निचले स्तरों को छू लिया है, जिससे खरीदारों और निवेशकों में हड़कंप है।
लोअर सर्किट का असर:
बाजार में आई इस अचानक गिरावट के कारण ट्रेडिंग के दौरान कई बार उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी, जिसे विशेषज्ञ एक बड़े करेक्शन के तौर पर देख रहे हैं।
क्यों गिर रही हैं कीमतें?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण हो सकते हैं:
वैश्विक आर्थिक नीतियां: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों की नई नीतियों का असर धातुओं की कीमतों पर पड़ा है।
मुनाफावसूली: रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने बड़े स्तर पर प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफावसूली) शुरू कर दी है।
आयात शुल्क और मांग:
घरेलू बाजार में मांग में अचानक आई कमी और आयात संबंधी खबरों ने भी कीमतों को नीचे धकेला है।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोने और चांदी में यह गिरावट लंबे समय की तेजी के बाद एक ‘हेल्दी करेक्शन’ हो सकता है। हालांकि, छोटे निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे बाजार में स्थिरता आने का इंतजार करें।
कीमतों में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए एक मौका हो सकती है जो लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, लेकिन फिलहाल बाजार में अस्थिरता अधिक है।”