नई दिल्ली: भारत में आज यानी 1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो गई है। इसी के साथ देश के टैक्स सिस्टम में एक ऐतिहासिक बदलाव लागू हुआ है। केंद्र सरकार ने दशकों पुराने ‘इनकम टैक्स एक्ट 1961’ को बदलकर अब ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ को पूरी तरह प्रभावी कर दिया है।
इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना और आम करदाताओं को राहत देना है। अगर आप भी सैलरीड क्लास हैं या बिजनेस करते हैं, तो आपको इन 10 बड़े बदलावों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए।
1. नया आयकर अधिनियम 2025 (New IT Act)
आज से 1961 का पुराना कानून इतिहास बन गया है। नए एक्ट में धाराओं (Sections) की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है, जिससे नियमों को समझना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा।
2. 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री
नई टैक्स रिजीम (New Tax Regime) अपनाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सेक्शन 87A के तहत रिबेट की सीमा को बढ़ाकर ₹60,000 कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब ₹12 लाख तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
3. स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी
सैलरीड एम्प्लॉइज के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है। इससे आपकी नेट टैक्सेबल इनकम में सीधी कमी आएगी।
4. नया इनकम टैक्स स्लैब (FY 2026-27)
नई टैक्स व्यवस्था के तहत अब टैक्स की दरें कुछ इस प्रकार होंगी:
- 0 – 4 लाख रुपये: 0%
- 4 – 8 लाख रुपये: 5%
- 8 – 12 लाख रुपये: 10%
- 12 – 16 लाख रुपये: 15%
- 16 – 20 लाख रुपये: 20%
- 20 – 24 लाख रुपये: 25%
- 24 लाख से ऊपर: 30%
5. HRA नियमों में बड़ा बदलाव
किराए के मकान में रहने वालों के लिए HRA (House Rent Allowance) की छूट सीमा को तर्कसंगत बनाया गया है। अब गैर-महानगरों में भी किराये की छूट के दायरे को विस्तार दिया गया है, जिससे मिडिल क्लास को सीधा फायदा मिलेगा।
6. ITR फाइलिंग हुई और भी आसान
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म्स को पहले से अधिक ‘प्री-फिल्ड’ (Pre-filled) बनाया गया है। अब शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड से होने वाली कमाई की जानकारी अपने आप फॉर्म में अपडेट हो जाएगी।
7. पैन (PAN) कार्ड के नए नियम
आज से आधार और पैन लिंकिंग को लेकर नियम और सख्त कर दिए गए हैं। बिना लिंक वाले पैन कार्ड न केवल इनऑपरेटिव होंगे, बल्कि उनसे जुड़ी ट्रांजेक्शन पर भारी टीडीएस (TDS) भी लग सकता है।
8. पेंशनर्स को बड़ी राहत
फैमिली पेंशन पर मिलने वाली कटौती की सीमा को भी ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया गया है।
9. कॉर्पोरेट टैक्स में सरलता
विदेशी कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स की दर को 40% से घटाकर 35% करने का प्रावधान भी आज से प्रभावी हो गया है, जिससे भारत में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
10. चैरिटी और डोनेशन पर सख्त नजर
धार्मिक और चैरिटेबल ट्रस्टों को मिलने वाले डोनेशन के नियमों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए डिस्क्लोजर नियम लागू किए गए हैं।
निष्कर्ष:
सरकार का यह कदम ‘Ease of Living’ की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स की सलाह है कि अपनी आय और निवेश के हिसाब से आपको ‘ओल्ड’ बनाम ‘न्यू’ टैक्स रिजीम का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।