मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल कर रहा है। प्रदेश के दो जनजातीय बाहुल्य जिलों में आज मेडिकल कॉलेजों का भूमि पूजन हो रहा है। प्रदेश के अंतिम पंक्ति में बैठे अंतिम व्यक्ति तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगतप्रकाश नड्डा का प्रदेशवासियों की ओर से विशेष आभार है। यह पीपीपी मोड (जन-निजी भागीदारी) पर बनने वाला देश का पहला मेडिकल कॉलेज होगा। इस पहल की शुरुआत मध्यप्रदेश की धरती से हो रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि धार में मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन देश के लिए ऐतिहासिक अवसर है। मध्यप्रदेश ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश को एक नेतृत्व दिया है। राज्य में नवाचारी सोच और जन सहभागिता के साथ देश में पीपीपी मोड के आधार पर पहला मेडिकल कॉलेज शुरू किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने इस मामले में देश का नेतृत्व किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृ्त्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी मॉडल में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण कर, हर व्यक्ति तक बेहतर इलाज पहुंचाने की दिशा में कार्य करेंगे। सेवा और विकास हमारी सरकार का मूल मंत्र है, विगत दो वर्ष जनकल्याण और विकास की दृष्टि से अद्वितीय रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसके दो बड़े शहरों- भोपाल और इंदौर में सालभर के अंदर मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही प्रदेश में हवाई सेवाओं का भी विस्तार हो रहा है। अब रीवा से इंदौर और नई दिल्ली के लिए हवाई सेवा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के लिए पीजी कॉलेज मैदान धार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन और उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केन्द्रीय मंत्री श्री नड्डा ने रिमोट का बटन दबाकर मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास और धार जिले के विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त माह में पीपीपी मॉडल पर बैतूल, कटनी, धार और पन्ना में चार नए चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए थे। आज धार और बैतूल का शिलान्यास हो रहा है। शीघ्र ही
कटनी और पन्ना में भी मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया जाएगा। इन जिलों के बाद भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी इसी तरह मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की तैयारी है। धार जिले में 260 करोड़ रूपए की लागत से 25 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन ने सरकार के साथ हाथ मिलाया है। फाउंडेशन को 25 एकड़ जमीन 1 रूपए की लीज पर देकर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने का रास्ता खोला है। अब धार के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय जनजातीय बच्चों को डॉक्टर बनने का अवसर भी मिलेगा। यहां नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के कोर्स भी संचालित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में वर्ष 2002-03 तक मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 33 हो चुकी है। राज्य में पिछले दो सालों में 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए। इनमें आदिवासी अंचल सिंगरौली और श्योपुर के मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने सीनियर रेजिडेंट्स डॉक्टरों के 354 पदों को स्वीकृति दी है। प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। धार में 15 लाख से अधिक लोगों की सिकल सेल कार्यक्रम के तहत जांच की गई। प्रदेश के टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर, डिंडौरी के अस्पतालों में 800 बेड का उन्नयन और डॉक्टरों के 810 नए पदों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार को ऋषि दाधीच और मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त है। यह जनसंघ के आदिपुरुष एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जन्मस्थली भी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में धार जिले को पिछले 4 महीने में अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने 75वें जन्मदिवस पर धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। टेक्सटाइल आधारित इस इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और 3 लाख के अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वरदान बनी है। अब आयुष्मान कार्ड के माध्यम से जरूरतमंदों को नि:शुल्क इलाज और एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिल रही है। परिजन के मृत्यु के बाद परिवारों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी जिला और सिविल अस्पतालों में शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की है। यह राज्य सरकार का मानवीय संवेदनाओं वाला पक्ष है। घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को राज्य सरकार प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार की राशि प्रदान कर रही है। साथ ही प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए देह दानियों और उनके परिवारों को गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की है।