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पंचमढ़ी नगर के नजूल क्षेत्र को पंचमढ़ी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित करने की स्वीकृति

By · January 28, 2026 · 11:49 am · 9 min read

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा पंचमढ़ी नगर के साडा के नियंत्रण वाली नजूल क्षेत्र रकबा 395.931 हैक्टेयर भूमि को संशोधित कर रकबा 395.939 हैक्टेयर भूमि को पचमढ़ी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर कर राजस्व नजूल घोषित करने की स्वीकृति दी गयी है।

मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के 9 टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत बफर क्षेत्रों का विकास करने के लिए आगामी 5 वर्षों, वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए कुल 390 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस नवीन योजना अंतर्गत बफर क्षेत्रों के विकास के तहत संवेदनशील क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग, वन्यप्राणी सुरक्षा, चारागाह विकास, जल स्त्रोतों का विकास, अग्नि सुरक्षा, वन्य प्राणी उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण और कौशल उन्नयन जैसे कार्य किये जायेंगे।

मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ 47 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार तवा परियोजना (दायीं तट नहर) की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना की लागत 86 करोड़ 76 लाख रूपये, प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 4200 हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की बाबई एवं सोहागपुर तहसील के 33 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा।

नर्मदापुरम जिले की तवा परियोजना की दांयी तट नहर से पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना की लागत 128 करोड़ 71 लाख रूपये, प्रस्तावित सिंचाई क्षेत्र 6000 हैक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। परियोजना से नर्मदापुरम जिले की सोहागपुर तहसील के 30 ग्राम लाभान्वित होंगे।

मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 की अवधि के लिए 17 योजनाओं की निरंतरता के लिए 17,864 करोड़ 26 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अुनसार जनजातीय कार्य विभाग की शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण, स्काउट गाइड, परिवहन, स्वास्थ्य, विभिन्न पुरस्कार आदि 15 योजनाओं के लिए 377 करोड़ 26 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई। इसी तरह खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता के लिए 15 हजार करोड़ रूपये और राजस्व विभाग की तहसील, जिला संभाग के कार्यालय एवं आवासीय भवन का निर्माण योजनाओं के लिए 2,487 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

मंत्रि-परिषद द्वारा पिछड़े वर्ग के “बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना 2022” के स्थान पर संशोधित योजना “अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार नियोजन योजना 2025” की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार आगामी 3 वर्ष में 45 करोड़ रुपये व्यय किया जाकर प्रतिवर्ष पिछड़े वर्ग के 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा।

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