Meta, TikTok और X को ब्रिटिश कोर्ट से झटका, अब Ofcom को देना होगा कंटेंट मॉडरेशन का डेटा

Meta, TikTok और X को ब्रिटिश कोर्ट से झटका, Ofcom को देना होगा डेटा
ब्रिटेन में सोशल मीडिया कंपनियों Meta, TikTok और X को लंदन हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने ब्रिटिश मीडिया और ऑनलाइन सुरक्षा नियामक Ofcom की ओर से मांगे गए डेटा को लेकर तीनों कंपनियों की कानूनी चुनौती खारिज कर दी है। इसके बाद कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और हानिकारक सामग्री को नियंत्रित करने से जुड़े विस्तृत आंकड़े नियामक को देने होंगे।
यह मामला ब्रिटेन के Online Safety Act 2023 के तहत Ofcom की सूचना मांगने की शक्तियों से जुड़ा है। नियामक ने फरवरी 2026 में तीनों कंपनियों को नोटिस जारी कर कंटेंट मॉडरेशन से संबंधित जानकारी मांगी थी। इसमें यह बताने को कहा गया था कि कितनी पोस्ट हटाई गईं या उनकी पहुंच सीमित की गई और कितने यूजर्स हानिकारक सामग्री के संपर्क में आए।
कंपनियों ने डेटा मांगने को बताया था बोझिल
Meta, TikTok और X ने अदालत में दलील दी थी कि Ofcom की मांगें गैरकानूनी और जरूरत से ज्यादा व्यापक हैं। कंपनियों के वकीलों का कहना था कि इतने बड़े स्तर पर डेटा जुटाने और तैयार करने में काफी समय और पैसा खर्च होगा। X की ओर से इसे किसी नियामक द्वारा की गई सबसे बोझिल मांगों में से एक बताया गया था।
हालांकि, अदालत ने कंपनियों की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। न्यायाधीशों ने कहा कि कंपनियां यह पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं कर सकीं कि नियामक की मांगें किस तरह अनुचित या गैरकानूनी हैं। अदालत ने Ofcom के ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े उद्देश्य को भी महत्वपूर्ण माना।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर रहेगा खास ध्यान
Ofcom द्वारा मांगे गए आंकड़ों में अलग-अलग आयु वर्ग के यूजर्स की गतिविधियां, हटाई गई या सीमित की गई पोस्ट और अकाउंट, हानिकारक सामग्री तक यूजर्स की पहुंच तथा शिकायतों पर की गई कार्रवाई से जुड़ी जानकारी शामिल है।
इस डेटा की मदद से नियामक यह आकलन करना चाहता है कि सोशल मीडिया कंपनियां गैरकानूनी और हानिकारक सामग्री को रोकने के लिए अपनी जिम्मेदारियां ठीक से निभा रही हैं या नहीं। इसमें बच्चों को ऑनलाइन नुकसान से बचाने का पहलू भी शामिल है।
नियम तोड़ने पर वैश्विक कमाई के 10 प्रतिशत तक जुर्माने का प्रावधान
ब्रिटेन के ऑनलाइन सुरक्षा कानून के तहत गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर कंपनियों पर उनकी वैश्विक सालाना कमाई के 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इस कानून के जरिए Ofcom को सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन सेवाओं की निगरानी के लिए अधिक अधिकार दिए गए हैं।
Ofcom ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि कंपनियों से जानकारी जुटाना ऑनलाइन सुरक्षा नियमों के पालन की जांच के लिए जरूरी है। वहीं, TikTok ने कहा कि वह फैसले पर विचार कर रहा है। Meta ने भी निराशा जताई, जबकि X की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर अहम फैसला
यह फैसला ब्रिटेन के Online Safety Act के तहत नियामक की सूचना मांगने की शक्तियों की शुरुआती बड़ी न्यायिक परीक्षा माना जा रहा है। इससे स्पष्ट हुआ है कि Ofcom ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से उनकी कंटेंट मॉडरेशन व्यवस्था और हानिकारक सामग्री से जुड़े आंकड़े मांग सकता है। अब तीनों कंपनियों को अदालत के फैसले के अनुसार नियामक की सूचना संबंधी मांगों का पालन करना होगा।




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