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मध्य प्रदेश के कॉलेजों में 23 विषयों की डिजिटल पढ़ाई, YouTube और ज्ञान सेतु चैनल पर मिलेगा ई-कंटेंट

By · October 20, 2026 · 12:05 pm · 15 min read

मध्य प्रदेश के कॉलेजों में 23 विषयों की डिजिटल पढ़ाई, YouTube पर मिलेगा ई-कंटेंट

भोपाल। मध्य प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई को आसान बनाने की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग ने डिजिटल अध्ययन सामग्री तैयार करने की पहल की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में बदलाव के बाद पुस्तकों की उपलब्धता में होने वाली देरी को ध्यान में रखते हुए 23 विषयों का ई-कंटेंट तैयार किया जा रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थी वीडियो, टेक्स्ट, चार्ट और एनिमेशन की मदद से पाठ्यक्रम को समझ सकेंगे।

विभाग की योजना के अनुसार, तैयार सामग्री को ज्ञान सेतु चैनल और YouTube के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। ऑनलाइन उपलब्ध होने के साथ ही इस सामग्री का इस्तेमाल कॉलेजों की स्मार्ट क्लास में भी किया जा सकेगा।

16 विषयों से शुरू हुई योजना, अब 23 विषय शामिल

उच्च शिक्षा विभाग ने शुरुआत में 16 विषयों के लिए डिजिटल अध्ययन सामग्री तैयार करने की योजना बनाई थी। शिक्षकों को मिले प्रशिक्षण और उनकी रुचि को देखते हुए इसमें सात नए विषय जोड़े गए। इसके बाद योजना का दायरा बढ़ाकर कुल 23 विषयों तक कर दिया गया।

इस काम की जिम्मेदारी शासकीय कॉलेजों में पढ़ाने वाले प्राध्यापकों और सहायक प्राध्यापकों को सौंपी गई है। शिक्षकों को पाठ्यक्रम के अनुरूप मॉड्यूल और सब-मॉड्यूल तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि विद्यार्थियों को व्यवस्थित तरीके से अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।

ऑनलाइन जारी करने से पहले होगी विशेषज्ञों की जांच

डिजिटल सामग्री की गुणवत्ता और तथ्यों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विषय के लिए चार से सात शिक्षकों की विशेषज्ञ समिति बनाई गई है। इन समितियों में संयोजक, सह-संयोजक और अन्य विषय विशेषज्ञ शामिल हैं।

पहले चरण की सामग्री तैयार करने और उसके सत्यापन के लिए विशेषज्ञों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। समितियां स्टूडियो में तैयार सामग्री की समीक्षा करेंगी। इस दौरान टेक्स्ट, वीडियो, चार्ट, एनिमेशन और उनमें इस्तेमाल किए गए संदर्भों की प्रामाणिकता की जांच की जाएगी।

यदि किसी सामग्री में बदलाव की जरूरत पाई जाती है, तो उसमें संशोधन कराया जाएगा। विशेषज्ञों की मंजूरी मिलने के बाद ही ई-कंटेंट को ऑनलाइन जारी किया जाएगा।

स्मार्ट क्लास में भी पढ़ाई के लिए होगा इस्तेमाल

इस पहल का लाभ केवल घर पर ऑनलाइन पढ़ने वाले विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। कॉलेजों के शिक्षक भी इस सामग्री का इस्तेमाल स्मार्ट क्लास में कर सकेंगे। वीडियो, चार्ट और एनिमेशन की मदद से कठिन विषयों और जटिल अवधारणाओं को समझाने में मदद मिलेगी।

डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कराने से शिक्षकों को पाठ्यक्रम के विभिन्न हिस्सों को दृश्य और ऑडियो-विजुअल सामग्री के जरिए प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को विषयों को समझने और दोहराने में सहायता मिल सकती है।

भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी सामग्री भी होगी शामिल

उच्च शिक्षा विभाग ई-कंटेंट तैयार करते समय आधुनिक पाठ्यक्रम के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा और पारंपरिक ज्ञान से जुड़े विषयों को भी शामिल कर रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को निर्धारित पाठ्यक्रम के साथ भारतीय ज्ञान-विरासत से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराना है।

डिजिटल अध्ययन सामग्री में हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति, पुरातत्व, भूगर्भ विज्ञान, वाणिज्य, मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, संगीत और गृह विज्ञान जैसे विषय शामिल बताए गए हैं। गृह विज्ञान के अंतर्गत टेक्सटाइल एंड क्लोदिंग से संबंधित सामग्री भी तैयार की जा रही है।

विद्यार्थियों को क्या होगा फायदा?

ई-कंटेंट उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए एक अतिरिक्त डिजिटल माध्यम मिलेगा। पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता में देरी होने पर ऑनलाइन सामग्री से पाठ्यक्रम की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल सकती है। विद्यार्थी वीडियो और अन्य डिजिटल संसाधनों की सहायता से विषयों को दोबारा समझ सकेंगे, जबकि शिक्षक इन्हीं संसाधनों को कक्षा में पढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर पाएंगे।

फिलहाल, तैयार सामग्री को विशेषज्ञों से सत्यापित कराने की प्रक्रिया के बाद ऑनलाइन उपलब्ध कराने की योजना है। विद्यार्थियों को इसका लाभ संबंधित ई-कंटेंट जारी होने पर मिल सकेगा।

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