इंदौर का सेंट्रल म्यूजियम 157 दिन तक रहेगा बंद, ₹12.75 करोड़ से होगा कायाकल्प

Indore Central Museum: 157 दिन बंद रहेगा संग्रहालय, ₹12.75 करोड़ से होगा कायाकल्प
मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित सेंट्रल म्यूजियम को नवीनीकरण और आधुनिकीकरण कार्यों के चलते 26 अक्टूबर 2026 से अगले 157 दिनों तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। करीब 12.75 करोड़ रुपये की लागत से संग्रहालय में विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य आगामी सिंहस्थ-2028 से पहले संग्रहालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराना है।
क्यों बंद किया गया संग्रहालय?
संग्रहालय में पिछले कई महीनों से निर्माण और सुधार कार्य चल रहे हैं। पर्यटकों की आवाजाही के कारण काम की गति प्रभावित हो रही थी। इसके अलावा निर्माण स्थल पर लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता थी। इसी वजह से संग्रहालय को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला लिया गया, ताकि काम तेजी से और सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके।
लिफ्ट से लेकर कैफेटेरिया तक की सुविधा
नवीनीकरण परियोजना के तहत संग्रहालय में कई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें लिफ्ट, शौचालय, कैफेटेरिया, रैंप, स्टोर और बेहतर गैलरियां शामिल हैं। इसके अलावा इंटरप्रिटेशन सेंटर, स्मृति-चिह्न की दुकान, आधुनिक लाइटिंग, सीसीटीवी कैमरे, सूचना केंद्र, रेस्ट रूम और सुंदर गार्डन भी विकसित किए जाने हैं।
परियोजना में ऑडिटोरियम और प्रदर्शनी हॉल का निर्माण भी शामिल है। इन सुविधाओं से संग्रहालय में आने वाले पर्यटकों, विद्यार्थियों और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों को बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है।
प्राचीन मूर्तियों और ऐतिहासिक धरोहरों का होगा बेहतर प्रदर्शन
इंदौर का सेंट्रल म्यूजियम प्राचीन मूर्तियों, दुर्लभ सिक्कों, पुरातात्विक वस्तुओं और मालवा-निमाड़ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। नवीनीकरण के दौरान प्राचीन मूर्तियों को नुकसान से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
नई डिस्प्ले व्यवस्था और आधुनिक तकनीक की मदद से पर्यटक संग्रहालय में मौजूद ऐतिहासिक वस्तुओं के बारे में अधिक आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, धरोहरों के सुरक्षित रखरखाव के लिए स्टोरेज सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है।
31 मार्च 2027 तक दोबारा खुलने की उम्मीद
मौजूदा कार्ययोजना के अनुसार संग्रहालय को 31 मार्च 2027 तक दोबारा खोलने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, वास्तविक तारीख निर्माण कार्यों की प्रगति और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के पूरा होने पर निर्भर करेगी।
सिंहस्थ-2028 से पहले इंदौर के इस ऐतिहासिक संग्रहालय का आधुनिकीकरण क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




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