यूक्रेन की हवाई सुरक्षा मजबूत करने की तैयारी, अमेरिका ने 500 पैट्रियट मिसाइलों की बिक्री को दी मंजूरी

यूक्रेन को 500 पैट्रियट मिसाइलें देने की अमेरिकी मंजूरी
रूस के लगातार मिसाइल हमलों के बीच यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने यूक्रेन को 500 पैट्रियट PAC-3 इंटरसेप्टर मिसाइलों की संभावित बिक्री को मंजूरी दे दी है। इस रक्षा सौदे की अनुमानित कीमत 2.1 अरब डॉलर बताई गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने मिसाइलों की आपूर्ति जल्द शुरू करने की मांग भी उठाई है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि 500 इंटरसेप्टर मिसाइलें यूक्रेन की रक्षा क्षमता के लिए अहम साबित हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने चिंता जताई कि मौजूदा व्यवस्था के तहत इनकी आपूर्ति शुरू होने में कई साल लग सकते हैं। उनका कहना है कि यूक्रेन को इन हथियारों की जरूरत भविष्य में नहीं, बल्कि मौजूदा खतरे के समय है।
सर्दियों से पहले मिसाइलों की जरूरत
जेलेंस्की के अनुसार, रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को लगातार निशाना बना रहा है। अक्टूबर के पिछले दो हफ्तों में बिजली ग्रिड के अहम हिस्सों पर 30 से अधिक हमले किए गए। इन हमलों से बिजली, हीटिंग और पानी की आपूर्ति जैसी बुनियादी सेवाओं पर खतरा बढ़ा है।
यूक्रेन ने सर्दियों के दौरान हर महीने औसतन 100 पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की जरूरत बताई है। जेलेंस्की ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों से आग्रह किया है कि वे अपने मौजूदा हथियार भंडार से मिसाइलें उपलब्ध कराएं। बाद में नए उत्पादन के जरिए इन देशों के भंडार की भरपाई की जा सकती है।
2.1 अरब डॉलर का रक्षा सौदा
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इस संभावित सौदे में 500 PAC-3 Missile Segment Enhancement यानी PAC-3 MSE इंटरसेप्टर शामिल हैं। इसके साथ स्पेयर पार्ट्स, लॉजिस्टिक्स और कार्यक्रम से जुड़ी सहायता भी दी जाएगी। लॉकहीड मार्टिन इस सौदे की मुख्य ठेकेदार कंपनी होगी।
इस खरीद के लिए कनाडा, जर्मनी और नॉर्वे अमेरिका के JUMPSTART कार्यक्रम के तहत आर्थिक योगदान देंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ की यूक्रेन सहायता ऋण सुविधा से भी धन उपलब्ध कराया जाएगा। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस सौदे में अमेरिका की अपनी वित्तीय राशि शामिल नहीं होगी।
डिलीवरी की तारीख अभी तय नहीं
अमेरिका की मंजूरी के बावजूद मिसाइलों की आपूर्ति की निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है। यूक्रेन में मिसाइलों के कुछ हिस्सों का उत्पादन किए जाने को लेकर भी अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। ऐसे में जेलेंस्की की प्राथमिकता है कि सहयोगी देश अपने मौजूदा भंडार से यूक्रेन को तत्काल मदद पहुंचाएं।
रूस के हमलों और सर्दियों में ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा की चुनौती के बीच यह संभावित सौदा यूक्रेन की रक्षा तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




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