Quad बैठक में जयशंकर ने उठाया आर्थिक सुरक्षा का मुद्दा, सप्लाई चेन मजबूत करने पर दिया जोर

Quad बैठक में जयशंकर का जोर, सप्लाई चेन और आर्थिक सुरक्षा पर चर्चा
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के अटलांटा में आयोजित Quad देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में आर्थिक सुरक्षा और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने, समृद्धि बढ़ाने और देशों को अपनी पसंद के अनुसार फैसले लेने की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना Quad की प्रमुख प्रतिबद्धताओं में शामिल है।
31 अक्टूबर को हुई इस बैठक में भारत के साथ अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल हुए। जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ क्षेत्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
सप्लाई चेन और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग
बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि तकनीक, महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा के क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भरोसेमंद और मजबूत सप्लाई चेन विकसित करना जरूरी है। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में गैर-बाजार नीतियों और बढ़ते आर्थिक दबावों का मुकाबला करने की आवश्यकता भी बताई।
Quad देशों के संयुक्त बयान में मनमाने निर्यात प्रतिबंधों और ऐसी नीतियों पर चिंता जताई गई, जिनसे महत्वपूर्ण उद्योगों की वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। बयान में किसी देश का नाम लेकर आरोप नहीं लगाया गया।
AI और क्रिटिकल मिनरल्स के लिए आर्थिक सहायता
बैठक में Quad देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भरोसेमंद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की पहुंच बढ़ाने के लिए 85 मिलियन डॉलर से अधिक की तकनीकी और वित्तीय सहायता देने का इरादा जताया। इसके अलावा अमेरिका ने भारत और आसियान देशों में कचरे से महत्वपूर्ण खनिजों को दोबारा प्राप्त करने वाली सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के लिए 10 मिलियन डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई।
इस पहल का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक कचरे और स्क्रैप से जरूरी खनिज हासिल करना तथा किसी एक आपूर्तिकर्ता पर निर्भरता कम करना है।
समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग
बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। Quad देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य, लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बनाए रखने पर जोर दिया।
इसके अलावा आतंकवाद विरोधी सहयोग, समुद्री निगरानी, साइबर अपराध और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर भी साझेदारी आगे बढ़ाने की बात कही गई। Quad देशों ने अपने कारोबार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए पहले Quad Business Leaders’ Forum की शुरुआत की घोषणा भी की।
भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करता है।




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