असम में ऑयल इंडिया की फैसिलिटी में विस्फोट के बाद भीषण आग, मृतकों की संख्या बढ़कर दो हुई

असम में ऑयल इंडिया प्लांट में विस्फोट और आग, मृतकों की संख्या दो हुई
डिब्रूगढ़। असम के डिब्रूगढ़ जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड की तेल सुविधा में हुए विस्फोट और आग की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। शुक्रवार सुबह रखरखाव कार्य के दौरान हुए हादसे में पहले एक कर्मचारी की मौत हुई थी और छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। शनिवार सुबह एक अन्य घायल इंजीनियर ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
यह दुर्घटना जिले के तेंगाखाट स्थित ऑयल इंडिया के इंटरमीडिएट टैंक फार्म में शुक्रवार सुबह करीब 9:05 बजे हुई। कंपनी के अनुसार, उस समय परिसर में रखरखाव का काम चल रहा था। इसी दौरान विस्फोट हुआ और आग फैल गई।
रखरखाव के दौरान हुआ हादसा
ऑयल इंडिया की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, घटना के समय मौके पर नौ कर्मचारी मौजूद थे। इनमें से सात कर्मचारी आग की चपेट में आकर घायल हुए, जबकि दो सुरक्षित बच गए। घायलों में राजू दत्ता की शुक्रवार को मौत हो गई थी। शनिवार तड़के करीब तीन बजे तपस ज्योति गोगोई ने भी दम तोड़ दिया। उन्हें गंभीर रूप से जलने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हादसे में घायल सभी कर्मचारी मुंबई की कंपनी स्पेक्ट्रॉन इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े थे, जो ऑयल इंडिया के लिए काम कर रही थी।
छह कर्मचारी हुए थे गंभीर रूप से घायल
शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में घायल छह कर्मचारियों को डिब्रूगढ़ के असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और अन्य चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन ने बताया था कि घायलों के शरीर का 35 से 90 प्रतिशत तक हिस्सा झुलस गया था। डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे थे।
दमकल विभाग ने आग पर पाया काबू
घटना की जानकारी मिलते ही ऑयल इंडिया की दमकल टीम को मौके पर भेजा गया। दमकल कर्मियों और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) ने मिलकर आग पर काबू पाया। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
डिब्रूगढ़ के जिला आयुक्त ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जाएगी। प्रशासन ने आसपास के लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की अपील की और स्पष्ट किया कि फिलहाल इलाके से लोगों को हटाने की आवश्यकता नहीं है।
ऑयल इंडिया ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। कंपनी और प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।




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