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ओंकारेश्वर: सिंहस्थ 2028 की बैठक से पत्रकारों को बाहर किया, बुलाने के बाद प्रवेश नहीं देने पर उठे सवाल

By · October 30, 2026 · 2:24 pm · 10 min read

ओंकारेश्वर: सिंहस्थ बैठक से पत्रकारों को बाहर किया, उठे सवाल

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक के दौरान पत्रकारों को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। नगर परिषद में हुई इस बैठक के लिए पत्रकारों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन बैठक शुरू होने के बाद उन्हें अंदर बैठने की अनुमति नहीं दी गई और बाहर जाने को कहा गया। कलेक्टर की मौजूदगी में हुई इस घटना के बाद स्थानीय पत्रकारों में नाराजगी देखने को मिली।

बैठक में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद

सिंहस्थ 2028 के प्रस्तावित विकास कार्यों और ओंकारेश्वर के विस्तार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए नगर परिषद में बैठक आयोजित की गई थी। इसमें सांसद, विधायक, कलेक्टर, जनप्रतिनिधि, पार्षद, एल्डरमैन और 16 सदस्यीय समिति के सदस्य शामिल हुए। बैठक में विकास योजनाओं और स्थानीय नागरिकों से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।

पत्रकारों का कहना है कि उन्हें समिति की ओर से बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। इसके बावजूद बैठक शुरू होने पर उन्हें बाहर कर दिया गया। इससे यह सवाल उठा कि यदि बैठक में मीडिया की मौजूदगी नहीं रखनी थी, तो पत्रकारों को आमंत्रित क्यों किया गया?

प्रभावित परिवारों के मुद्दों पर चर्चा को लेकर सवाल

ओंकारेश्वर और ममलेश्वर क्षेत्र में सिंहस्थ 2028 के लिए प्रस्तावित विकास और विस्तारीकरण कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों के बीच पहले से चिंता बनी हुई है। कुछ परिवारों के मकान, दुकान और आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। स्थानीय नागरिक मुआवजे, पुनर्वास और रोजगार जैसे मुद्दों पर स्पष्ट व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।

ऐसे में बैठक में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच इन विषयों पर क्या चर्चा हुई, इसकी जानकारी सार्वजनिक होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों का मानना है कि इन फैसलों का सीधा असर स्थानीय लोगों पर पड़ सकता है, इसलिए बैठक की जानकारी जनता तक पहुंचना जरूरी है।

पहले भी उठ चुके हैं पुनर्वास और मुआवजे के मुद्दे

सिंहस्थ 2028 की विकास योजनाओं को लेकर ओंकारेश्वर में पहले भी स्थानीय नागरिकों ने अपनी मांगें उठाई थीं। अक्टूबर में 19 सूत्रीय मांगों को लेकर बाजार बंद और आंदोलन की स्थिति बनी थी। इसके बाद प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई थी। प्रभावित संपत्तियों का नए सिरे से सर्वे कराने और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर आगे विचार करने की बात सामने आई थी।

पारदर्शिता और मीडिया की भूमिका पर चर्चा

बैठक से बाहर किए जाने की घटना के बाद पत्रकारों ने अपने सम्मान और मीडिया की भूमिका को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मीडिया का उद्देश्य जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाना और प्रशासन के निर्णयों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना है।

फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से पत्रकारों को बैठक से बाहर किए जाने के कारणों पर कोई स्पष्ट आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया देता है और भविष्य में सिंहस्थ 2028 से जुड़ी बैठकों में मीडिया की भागीदारी को लेकर क्या व्यवस्था अपनाई जाती है।

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