Gold-Silver Price: चांदी ₹8,300 टूटकर 11 महीने के निचले स्तर पर, सोना भी ₹1,300 हुआ सस्ता

Silver Price: चांदी ₹8,300 टूटी, सोना भी हुआ सस्ता
सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी की कीमत एक ही कारोबारी सत्र में 8,300 रुपये प्रति किलोग्राम गिर गई। इसके साथ ही चांदी का भाव करीब 11 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। सोने की कीमतों में भी कमजोरी रही और 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,300 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।
चांदी का भाव 1.90 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंचा
अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, चांदी का भाव पिछले कारोबारी सत्र के 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम से गिरकर 1,90,200 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। इस तरह एक दिन में कीमत में 8,300 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
चांदी का यह स्तर लगभग 11 महीने का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले 10 दिसंबर 2025 को चांदी करीब 1.92 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही थी।
सोना भी 1,300 रुपये हुआ सस्ता
चांदी के साथ सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,300 रुपये टूटकर 1,45,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव
वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज बिकवाली देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 4,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गया। वहीं चांदी की कीमत में भी करीब 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के मुताबिक, महंगाई को लेकर बनी चिंताओं और केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख के कारण निवेशक कीमती धातुओं से दूरी बना रहे हैं। अमेरिका में मजबूत आर्थिक आंकड़ों और ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका ने भी सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बनाया है।
निवेशकों की चिंता क्यों बढ़ी?
बाजार में यह आशंका भी बनी हुई है कि आने वाले समय में चांदी की आपूर्ति बढ़ सकती है, जबकि आभूषणों की मांग और औद्योगिक खपत कमजोर रह सकती है। इससे कीमतों में तेजी सीमित होने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा, शेयर बाजारों में गिरावट के दौरान कुछ निवेशकों द्वारा नुकसान की भरपाई के लिए कीमती धातुओं में अपनी हिस्सेदारी बेचने की संभावना भी कीमतों पर दबाव डाल सकती है।
क्या आगे भी गिरेंगे सोने-चांदी के भाव?
विशेषज्ञों के अनुसार, निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, बाजार की दिशा अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक मांग पर निर्भर करेगी।
ध्यान रखें कि ये भाव 30 अक्टूबर को दिल्ली के सराफा बाजार के हैं। अलग-अलग शहरों में स्थानीय कर, शुल्क और बाजार की स्थितियों के कारण सोने-चांदी की कीमतें अलग हो सकती हैं। निवेश या खरीदारी का फैसला करने से पहले अपने शहर का ताजा भाव जरूर जांचें।




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