महाकाल नगरी में प्रॉपर्टी बाजार का बूम, 7 महीने में 247 करोड़ का राजस्व; धनतेरस पर भी होगी रजिस्ट्री

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उज्जैन में जमीन, मकान और दुकानों की खरीद-बिक्री में तेजी देखने को मिल रही है। इसका असर सरकारी खजाने पर भी दिखाई दे रहा है। अप्रैल से अक्टूबर 2026 के बीच जिले में कुल 40,644 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ, जिससे सरकार को 247.30 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इस बार राजस्व में 6.88 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पिछले साल के मुकाबले बढ़े रजिस्ट्री के आंकड़े
पंजीयन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच उज्जैन में 39,454 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था। वहीं, इस साल इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 40,644 हो गई। यानी एक साल में 1,190 अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है। दस्तावेजों की संख्या में करीब 3.02 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
राजस्व के मामले में भी बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल इसी अवधि में सरकार को 240.42 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि इस साल यह आंकड़ा 247.30 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस तरह राजस्व में 2.86 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इन सात महीनों में प्रतिदिन औसतन करीब 193 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ।
जुलाई में सबसे ज्यादा हुई कमाई
सात महीने के आंकड़ों में जुलाई का प्रदर्शन सबसे आगे रहा। इस महीने पंजीयन से सरकार को 46.31 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। इसके बाद जून में 45.08 करोड़ रुपये की आय हुई। सितंबर में 37.71 करोड़, मई में 34.81 करोड़, अक्टूबर में 32.67 करोड़ और अगस्त में 28.92 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
जुलाई में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 7.63 करोड़ रुपये अधिक राजस्व मिला। इससे साफ है कि इस महीने संपत्तियों के पंजीयन से सरकारी आय में खास बढ़ोतरी हुई।
सिंहस्थ की तैयारियों से बढ़ी प्रॉपर्टी में दिलचस्पी
उज्जैन में प्रॉपर्टी बाजार की गतिविधियों के पीछे शहर का तेजी से हो रहा विकास भी एक वजह माना जा रहा है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला है। इसके साथ ही सड़क, पुल, घाट और आवासीय परियोजनाओं से जुड़े विकास कार्य जारी हैं।
आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के चलते भी शहर और आसपास के इलाकों में जमीन, मकान और व्यावसायिक संपत्तियों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। इन गतिविधियों का असर संपत्ति की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री के आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।
धनतेरस पर खुला रहेगा रजिस्ट्री कार्यालय
धनतेरस पर जमीन, मकान या दुकान की रजिस्ट्री कराने की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। पंजीयन कार्यालय 6 नवंबर को धनतेरस के दिन खुला रहेगा। लोग शुभ मुहूर्त में अपनी संपत्ति का पंजीयन करा सकेंगे। हालांकि, दीपावली के दिन कार्यालय बंद रहेगा।
वरिष्ठ जिला पंजीयक दीपक कुमार शर्मा के अनुसार, अचल संपत्तियों के पंजीयन से मिलने वाले राजस्व में वृद्धि हुई है। धनतेरस पर रजिस्ट्री कराने के इच्छुक लोगों को पहले से स्लॉट बुक कराने और जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी गई है, ताकि पंजीयन प्रक्रिया में परेशानी न हो।




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