धनतेरस पर सोना खरीदने का मौका? रिकॉर्ड ऊंचाई से 22% तक फिसली कीमतें, जानें ज्वेलरी और गोल्ड ETF में क्या है बेहतर

धनतेरस 2026: सोने की कीमतों में 22% गिरावट, जानें निवेश का सही विकल्प
धनतेरस के मौके पर सोना खरीदना भारतीय परिवारों की पुरानी परंपरा रही है। इस बार त्योहार के साथ सोने की कीमतों में आई बड़ी गिरावट भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जनवरी 2026 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद घरेलू बाजार में सोने के दाम करीब 22 प्रतिशत तक नीचे आ चुके हैं। ऐसे में खरीदारों के सामने सवाल है कि इस धनतेरस पर सोना खरीदना कितना सही रहेगा और निवेश के लिए कौन-सा विकल्प बेहतर हो सकता है।
जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से नीचे आए सोने के भाव
जनवरी 2026 में सोने की कीमत लगभग 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। धनतेरस यानी 6 नवंबर 2026 की सुबह उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब 1,42,640 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी का भाव लगभग 1,84,860 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
हालांकि, अलग-अलग शहरों, शुद्धता और ज्वेलरी की कीमतों में अंतर हो सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार में ताजा रेट की जानकारी लेना जरूरी है।
ज्वेलरी, सिक्के या गोल्ड ETF: क्या चुनें?
अगर सोना पहनने, शादी या उपहार के लिए खरीदना है तो ज्वेलरी एक उपयोगी विकल्प है। लेकिन इसे केवल निवेश के नजरिए से देखना सही नहीं होगा। गहनों पर मेकिंग चार्ज, GST और बेचते समय लगने वाली कटौती के कारण वास्तविक रिटर्न कम हो सकता है।
सोने के सिक्के ज्वेलरी की तुलना में निवेश के लिए कुछ अधिक सरल विकल्प हो सकते हैं। इनमें मेकिंग चार्ज आमतौर पर कम होता है, हालांकि खरीदते समय प्रीमियम और बेचते समय मिलने वाली कीमत पर ध्यान देना चाहिए।
दूसरी ओर, गोल्ड ETF उन निवेशकों के लिए विकल्प है जो बिना फिजिकल सोना रखे उसकी कीमतों में होने वाले बदलाव से लाभ लेना चाहते हैं। इन्हें शेयर बाजार में डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट के जरिए खरीदा-बेचा जा सकता है। इसमें स्टोरेज और शुद्धता की चिंता नहीं रहती, लेकिन एक्सपेंस रेशियो, ब्रोकरेज और ट्रैकिंग एरर जैसे खर्चों को समझना जरूरी है।
क्या Sovereign Gold Bonds अभी भी विकल्प हैं?
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड यानी SGB में निवेशकों को सोने की कीमत से जुड़े रिटर्न के साथ तय ब्याज भी मिलता था। लेकिन फरवरी 2024 के बाद सरकार ने कोई नया SGB जारी नहीं किया है। ऐसे में निवेशकों को इन्हें खरीदने के लिए सेकेंडरी मार्केट का विकल्प देखना पड़ता है। खरीदने से पहले बाजार भाव, मैच्योरिटी और उपलब्ध बॉन्ड की शर्तें समझना जरूरी है।
क्या अगले धनतेरस तक बढ़ सकते हैं सोने के दाम?
कुछ ब्रोकरेज कंपनियों और बाजार विशेषज्ञों को लंबी अवधि में सोने की कीमतों में सुधार की उम्मीद है। Axis Direct ने अनुकूल परिस्थितियों में अगले धनतेरस तक घरेलू सोने के लिए 1.65 लाख से 1.71 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का लक्ष्य बताया है। हालांकि, यह एक अनुमान है, गारंटीड रिटर्न नहीं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों, महंगाई और भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर सोने की कीमतों पर पड़ सकता है। इसलिए विशेषज्ञों की राय में एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश करना ज्यादा संतुलित तरीका हो सकता है।
धनतेरस पर सोना खरीदने का फैसला अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से लेना बेहतर है। आभूषण खरीदने वालों को मेकिंग चार्ज और हॉलमार्किंग की जांच करनी चाहिए, जबकि निवेश करने वालों को गोल्ड ETF और अन्य विकल्पों की लागत व जोखिम समझकर ही फैसला लेना चाहिए।




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